टीबी क्या है? लक्षण, कारण, जाँच और इलाज की पूरी जानकारी

टीबी यानी ट्यूबरकुलोसिस (Tuberculosis) एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है, लेकिन शरीर के अन्य अंगों जैसे लिम्फ नोड्स, हड्डियों, रीढ़, मस्तिष्क, किडनी और पेट को भी प्रभावित कर सकती है। टीबी का कारण Mycobacterium tuberculosis नामक बैक्टीरिया होता है।

अच्छी बात यह है कि टीबी एक इलाज योग्य बीमारी है। सही समय पर पहचान, उचित जाँच और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का पूरा कोर्स लेने से अधिकांश मरीज ठीक हो सकते हैं। समस्या तब बढ़ती है जब टीबी के लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाता है या दवाएँ बीच में बंद कर दी जाती हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, टीबी दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण संक्रामक बीमारियों में से एक है और भारत उन देशों में शामिल है जहाँ इसका बोझ अधिक है। इसलिए लगातार खांसी, वजन कम होना, बुखार और रात में पसीना आने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय से खांसी, सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी या टीबी से जुड़े अन्य लक्षण हैं, तो Metro Hospital, Faridabad के Pulmonology & Respiratory Medicine Department में विशेषज्ञ से परामर्श लिया जा सकता है। यहां टीबी सहित विभिन्न फेफड़ों और श्वसन संबंधी बीमारियों की जाँच और उपचार की सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

टीबी क्या है?

टीबी एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो आमतौर पर फेफड़ों में शुरू होता है। इसे फेफड़ों की टीबी या Pulmonary Tuberculosis कहा जाता है।

जब सक्रिय फेफड़ों की टीबी वाला व्यक्ति खांसता, छींकता या बोलता है, तो बहुत छोटे संक्रमित कण हवा में फैल सकते हैं। आसपास मौजूद व्यक्ति इन्हें सांस के साथ अंदर ले सकता है।

हालांकि टीबी बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश करने के बाद हर व्यक्ति को तुरंत बीमार नहीं करता। कुछ लोगों में बैक्टीरिया निष्क्रिय अवस्था में रहता है, जिसे Latent TB Infection कहा जाता है।

लेटेंट टीबी में:

  • व्यक्ति को लक्षण नहीं होते
  • वह बीमार महसूस नहीं करता
  • वह दूसरों में टीबी नहीं फैलाता
  • भविष्य में कमजोर प्रतिरक्षा के कारण सक्रिय टीबी विकसित हो सकती है

सक्रिय टीबी में बैक्टीरिया शरीर में बढ़ते हैं और मरीज में स्पष्ट लक्षण दिखाई देने लगते हैं। WHO के अनुसार, लेटेंट संक्रमण वाले अधिकांश लोग सक्रिय बीमारी विकसित नहीं करते, लेकिन कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में जोखिम बढ़ जाता है।

टीबी कितने प्रकार की होती है?

टीबी को मुख्य रूप से दो बड़े प्रकारों में समझा जा सकता है।

1. पल्मोनरी टीबी

जब टीबी फेफड़ों को प्रभावित करती है, इसे पल्मोनरी टीबी कहा जाता है।

यह टीबी का सबसे आम प्रकार है और सक्रिय अवस्था में दूसरों तक फैल सकता है।

इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:

  • लगातार खांसी
  • बलगम
  • खांसी में खून
  • सीने में दर्द
  • सांस फूलना
  • वजन कम होना
  • बुखार
  • रात में पसीना आना

2. एक्स्ट्रा-पल्मोनरी टीबी

जब टीबी फेफड़ों के अलावा शरीर के किसी अन्य हिस्से को प्रभावित करती है, तो इसे एक्स्ट्रा-पल्मोनरी टीबी कहा जाता है।

यह निम्न अंगों को प्रभावित कर सकती है:

  • लिम्फ नोड्स
  • हड्डियाँ
  • रीढ़
  • मस्तिष्क
  • किडनी
  • पेट
  • आंत
  • त्वचा
  • प्रजनन अंग

इसके लक्षण प्रभावित अंग के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

उदाहरण के लिए, रीढ़ की टीबी में कमर दर्द या कमजोरी हो सकती है, जबकि लिम्फ नोड टीबी में गर्दन या अन्य हिस्सों में गाँठें दिखाई दे सकती हैं।

टीबी के प्रमुख लक्षण क्या हैं?

टीबी के लक्षण धीरे-धीरे विकसित हो सकते हैं। कई बार मरीज महीनों तक हल्के लक्षणों को सामान्य कमजोरी या मौसम का असर मानकर नजरअंदाज करते रहते हैं।

WHO के अनुसार, सक्रिय टीबी के सामान्य लक्षणों में लंबे समय तक खांसी, सीने में दर्द, कमजोरी, वजन कम होना, बुखार और रात में पसीना शामिल हैं।

1. लंबे समय तक खांसी

लगातार खांसी टीबी का सबसे महत्वपूर्ण संकेत हो सकती है।

यदि खांसी दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक बनी रहती है, तो डॉक्टर से जाँच कराना उचित है, विशेष रूप से यदि साथ में वजन कम होना, बुखार या रात में पसीना भी हो।

2. बलगम वाली खांसी

पल्मोनरी टीबी में खांसी के साथ बलगम आ सकता है।

बलगम की जाँच टीबी की पुष्टि करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

3. खांसी में खून आना

टीबी के कुछ मरीजों में बलगम के साथ खून आ सकता है।

यह गंभीर लक्षण है और इसकी तुरंत जाँच करानी चाहिए।

हालांकि खांसी में खून आने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए केवल लक्षण देखकर टीबी मान लेना सही नहीं है।

4. लगातार हल्का बुखार

टीबी में कई लोगों को लंबे समय तक हल्का या मध्यम बुखार रहता है।

अक्सर बुखार शाम के समय अधिक महसूस हो सकता है।

5. रात में ज्यादा पसीना

नींद के दौरान असामान्य रूप से अधिक पसीना आना टीबी का एक जाना-पहचाना लक्षण है।

यदि यह बार-बार हो और साथ में खांसी या वजन कम होना भी हो, तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

6. बिना कारण वजन कम होना

यदि बिना डाइटिंग या व्यायाम के वजन लगातार कम हो रहा है, तो इसकी जाँच जरूरी है।

टीबी शरीर की ऊर्जा जरूरतों और भूख दोनों को प्रभावित कर सकती है।

7. भूख कम लगना

कई टीबी मरीजों में भूख कम हो जाती है, जिससे वजन और कमजोरी पर असर पड़ता है।

8. कमजोरी और थकान

बार-बार थकान, कमजोरी और काम करने की क्षमता कम होना भी टीबी के लक्षणों में शामिल हो सकता है।

9. सीने में दर्द

फेफड़ों की टीबी में कुछ लोगों को सीने में दर्द हो सकता है, विशेषकर खांसते समय।

10. सांस लेने में परेशानी

गंभीर फेफड़ों की टीबी या फेफड़ों की अन्य जटिलताओं में सांस फूलना या सांस लेने में कठिनाई हो सकती है।

टीबी कैसे फैलती है?

टीबी मुख्य रूप से हवा के माध्यम से फैलती है।

यदि सक्रिय फेफड़ों की टीबी वाला व्यक्ति खांसता, छींकता या बोलता है, तो टीबी के बैक्टीरिया छोटे हवा में तैरने वाले कणों के रूप में फैल सकते हैं।

किसी अन्य व्यक्ति द्वारा इन संक्रमित कणों को सांस के साथ अंदर लेने पर संक्रमण हो सकता है।

लेकिन टीबी सामान्यतः इनसे नहीं फैलती:

  • हाथ मिलाने से
  • खाना साझा करने से
  • कपड़े छूने से
  • बर्तन छूने से
  • सामान्य शारीरिक संपर्क से

टीबी का खतरा तब अधिक होता है जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक सक्रिय टीबी मरीज के साथ बंद या कम हवादार वातावरण में रहता है।

टीबी होने का खतरा किसे ज्यादा होता है?

कुछ लोगों में टीबी संक्रमण के सक्रिय बीमारी में बदलने का जोखिम अधिक होता है।

इनमें शामिल हैं:

  • कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोग
  • HIV से संक्रमित व्यक्ति
  • डायबिटीज वाले मरीज
  • कुपोषित लोग
  • धूम्रपान करने वाले लोग
  • लंबे समय से स्टेरॉयड या इम्यूनोसप्रेसिव दवाएँ लेने वाले मरीज
  • सक्रिय टीबी मरीज के करीबी संपर्क में रहने वाले लोग
  • वृद्ध व्यक्ति
  • बहुत छोटे बच्चे

WHO के अनुसार, HIV, कुपोषण, डायबिटीज और तंबाकू उपयोग जैसी स्थितियाँ सक्रिय टीबी विकसित होने के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

टीबी की जाँच कैसे की जाती है?

टीबी की पुष्टि केवल लक्षणों से नहीं की जा सकती।

सही निदान के लिए डॉक्टर मरीज के लक्षण, मेडिकल हिस्ट्री, शारीरिक परीक्षण और आवश्यक जाँचों का सहारा लेते हैं।

1. स्पुटम टेस्ट

फेफड़ों की टीबी की जाँच के लिए बलगम यानी sputum का नमूना लिया जा सकता है।

इस नमूने में टीबी बैक्टीरिया की उपस्थिति जाँची जाती है।

2. रैपिड मॉलिक्यूलर टेस्ट

WHO लक्षण वाले मरीजों में शुरुआती जाँच के लिए rapid molecular diagnostic tests की सलाह देता है। ये टेस्ट टीबी बैक्टीरिया और कुछ मामलों में दवा प्रतिरोध की पहचान करने में मदद कर सकते हैं।

3. चेस्ट एक्स-रे

चेस्ट एक्स-रे फेफड़ों में टीबी से जुड़े बदलाव देखने में उपयोगी हो सकता है।

हालांकि केवल एक्स-रे से हर मामले में टीबी की अंतिम पुष्टि नहीं होती।

4. सीटी स्कैन

कुछ जटिल मामलों में फेफड़ों की स्थिति को बेहतर तरीके से देखने के लिए CT Scan की आवश्यकता हो सकती है।

5. ब्रोंकोस्कोपी

जब बलगम की जाँच से स्पष्ट परिणाम न मिले या फेफड़ों के अंदर सीधे जाँच की आवश्यकता हो, तो Bronchoscopy की जा सकती है।

Metro Hospital के Pulmonology Department में Video Assisted Bronchoscopy सहित उन्नत respiratory diagnostic facilities उपलब्ध हैं।

6. एक्स्ट्रा-पल्मोनरी टीबी की जाँच

यदि टीबी फेफड़ों के बाहर होने का संदेह हो, तो प्रभावित अंग के अनुसार जाँच की जाती है।

इसमें शामिल हो सकते हैं:

  • Tissue biopsy
  • Fluid analysis
  • Ultrasound
  • CT Scan
  • MRI
  • Molecular testing

WHO के अनुसार non-pulmonary TB में प्रभावित tissue या body fluid के sample की जाँच की जा सकती है।

टीबी का इलाज कैसे होता है?

टीबी का इलाज एंटी-ट्यूबरकुलर दवाओं से किया जाता है।

दवा-संवेदनशील टीबी के कई मामलों में कई anti-TB medicines का combination निर्धारित अवधि तक दिया जाता है।

WHO के अनुसार, standard TB treatment में आमतौर पर multiple antibacterial medicines का उपयोग किया जाता है और treatment regimen मरीज की disease type और drug susceptibility के अनुसार तय किया जाता है।

बहुत जरूरी है कि मरीज:

  • दवा समय पर ले
  • डॉक्टर की अनुमति के बिना दवा बंद न करे
  • कोई dose miss न करे
  • follow-up नियमित रखे
  • side effects होने पर डॉक्टर को बताए

टीबी की दवा बीच में क्यों नहीं छोड़नी चाहिए?

टीबी के लक्षण कुछ सप्ताह की दवा के बाद कम हो सकते हैं।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बैक्टीरिया पूरी तरह खत्म हो गए हैं।

यदि मरीज दवा बीच में बंद कर देता है:

  • बीमारी दोबारा लौट सकती है
  • संक्रमण दूसरों तक फैल सकता है
  • बैक्टीरिया दवाओं के प्रति resistant हो सकते हैं
  • इलाज अधिक लंबा और जटिल हो सकता है

WHO स्पष्ट रूप से treatment adherence को बहुत महत्वपूर्ण मानता है क्योंकि अधूरा उपचार drug-resistant TB के जोखिम को बढ़ा सकता है।

MDR-TB क्या है?

MDR-TB यानी Multidrug-Resistant Tuberculosis वह स्थिति है जिसमें टीबी के बैक्टीरिया प्रमुख anti-TB medicines के प्रति resistant हो जाते हैं।

Drug-resistant TB का इलाज सामान्य टीबी की तुलना में अधिक जटिल हो सकता है।

इसके लिए:

  • विशेष drug sensitivity testing
  • अलग medication combinations
  • अधिक निगरानी
  • specialist follow-up

की जरूरत पड़ सकती है।

2026 की WHO TB treatment guidelines में drug-resistant TB के लिए updated और shorter regimens सहित नई recommendations शामिल की गई हैं, लेकिन regimen का चयन specialist द्वारा resistance pattern और clinical condition के आधार पर किया जाता है।

Metro Hospital के Dr. Hemant Goel की विशेषज्ञता में Tuberculosis including Drug Resistant TB शामिल है।

इसी तरह Dr. Sandeep Yadav भी Tuberculosis और Drug Resistant Tuberculosis के management में विशेषज्ञता रखते हैं।

क्या टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है?

हाँ।

उचित जाँच, सही दवा और पूरा treatment course लेने पर टीबी ठीक हो सकती है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दवा नियमित रूप से ली जाए और follow-up पूरा किया जाए।

मरीजों को केवल लक्षण कम होने पर दवा बंद नहीं करनी चाहिए।

बच्चों में टीबी के लक्षण

बच्चों में टीबी की पहचान कभी-कभी कठिन हो सकती है क्योंकि लक्षण स्पष्ट नहीं होते।

ध्यान देने योग्य संकेतों में शामिल हैं:

  • लंबे समय से बुखार
  • वजन न बढ़ना
  • वजन कम होना
  • लगातार खांसी
  • कमजोरी
  • भूख कम लगना
  • सामान्य गतिविधियों में कमी
  • गर्दन में गाँठ

यदि बच्चा किसी सक्रिय टीबी मरीज के संपर्क में रहा हो, तो डॉक्टर को यह जानकारी अवश्य देनी चाहिए।

बुजुर्गों में टीबी

बुजुर्गों में टीबी के लक्षण कभी-कभी हल्के या atypical हो सकते हैं।

इनमें शामिल हो सकते हैं:

  • कमजोरी
  • भूख कम लगना
  • वजन कम होना
  • बार-बार बुखार
  • पुरानी खांसी

उम्र के साथ immunity कमजोर हो सकती है, इसलिए पुराने respiratory symptoms को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

टीबी मरीज को घर पर क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए?

यदि डॉक्टर ने सक्रिय फेफड़ों की टीबी की पुष्टि की है, तो शुरुआती अवधि में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सावधानी जरूरी है।

मास्क का उपयोग

मरीज को डॉक्टर की सलाह के अनुसार mask पहनना चाहिए, विशेष रूप से आसपास दूसरे लोग हों।

कमरे में ventilation रखें

कमरे की खिड़कियाँ खोलकर हवा का अच्छा circulation बनाए रखें।

खांसते समय मुंह ढकें

खांसते या छींकते समय tissue या elbow का इस्तेमाल करें।

दवा नियमित लें

संक्रमण कम करने और बीमारी नियंत्रित करने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका effective treatment है।

परिवार के करीबी सदस्यों की screening

Close contacts, विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर immunity वाले लोगों की screening की सलाह दी जा सकती है।

टीबी में क्या खाना चाहिए?

टीबी से ठीक होने के दौरान शरीर को पर्याप्त पोषण की जरूरत होती है।

डाइट में शामिल किए जा सकते हैं:

  • पर्याप्त प्रोटीन
  • दालें
  • दूध और दही
  • अंडे
  • पनीर
  • साबुत अनाज
  • फल
  • हरी सब्जियाँ
  • पर्याप्त पानी

यदि वजन बहुत कम हो गया हो, तो dietitian की सलाह से calorie और protein intake बढ़ाया जा सकता है।

क्या टीबी में कोई खास घरेलू इलाज होता है?

टीबी का इलाज घरेलू नुस्खों से नहीं किया जा सकता।

हल्दी, अदरक, शहद या अन्य घरेलू उपाय खांसी या गले में आराम दे सकते हैं, लेकिन वे टीबी बैक्टीरिया को समाप्त नहीं करते।

Anti-TB medicines ही treatment का मुख्य आधार हैं।

टीबी से बचाव कैसे करें?

टीबी की रोकथाम के लिए कई कदम महत्वपूर्ण हैं।

समय पर पहचान

लंबे समय तक खांसी होने पर समय पर जाँच कराने से बीमारी की जल्दी पहचान हो सकती है।

पूरा इलाज

सही treatment से संक्रमण फैलने का खतरा कम होता है।

BCG Vaccination

भारत सहित कई देशों में BCG vaccine बच्चों को गंभीर childhood TB के कुछ रूपों से सुरक्षा देने के उद्देश्य से दी जाती है।

अच्छी ventilation

भीड़भाड़ वाले बंद स्थानों में हवा का circulation बेहतर होना उपयोगी है।

Close Contacts की Screening

यदि परिवार में किसी को active TB है, तो करीबी सदस्यों की जाँच की आवश्यकता हो सकती है।

कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?

निम्न लक्षणों में जल्द medical evaluation जरूरी है:

  • दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी
  • खांसी में खून
  • बिना कारण लगातार वजन कम होना
  • रात में ज्यादा पसीना
  • लंबे समय तक बुखार
  • सीने में दर्द
  • सांस लेने में कठिनाई
  • टीबी मरीज के साथ करीबी संपर्क
  • दवा लेते समय गंभीर side effects

Metro Hospital, Faridabad में टीबी का इलाज

टीबी का सही इलाज केवल दवा लिखने तक सीमित नहीं है।

कई मरीजों में accurate diagnosis, drug-resistance assessment, lung evaluation और complications की monitoring की आवश्यकता होती है।

Metro Hospital, Faridabad का Pulmonology, Respiratory & Sleep Medicine Department फेफड़ों और श्वसन संबंधी बीमारियों की जाँच और उपचार करता है, जिनमें टीबी और drug-resistant TB भी शामिल हैं। विभाग में advanced respiratory diagnostics जैसे bronchoscopy भी उपलब्ध हैं।

टीबी और complex respiratory conditions के लिए मरीज Best TB Doctor in Faridabad पेज पर उपलब्ध specialist information भी देख सकते हैं। Metro Hospital का respiratory care setup TB, COPD, asthma, pneumonia, lung infections और अन्य chest diseases को manage करता है।

टीबी के लिए Metro Hospital कब जाएँ?

यदि आपको:

  • लगातार खांसी है
  • टीबी का संदेह है
  • TB treatment के बावजूद symptoms बने हुए हैं
  • MDR-TB का संदेह है
  • खांसी में खून आ रहा है
  • सांस फूल रही है
  • repeated chest infection हो रही है
  • bronchoscopy की आवश्यकता है

तो pulmonologist से evaluation उपयोगी हो सकता है।

टीबी से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. टीबी क्या है?

टीबी Mycobacterium tuberculosis नामक बैक्टीरिया से होने वाली संक्रामक बीमारी है। यह मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है, लेकिन शरीर के अन्य अंगों में भी हो सकती है।

2. टीबी के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

लंबे समय तक खांसी, बुखार, रात में पसीना, वजन कम होना, कमजोरी और भूख कम लगना टीबी के सामान्य शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।

3. क्या टीबी छूने से फैलती है?

टीबी सामान्यतः हाथ मिलाने या छूने से नहीं फैलती। यह मुख्य रूप से active pulmonary TB वाले व्यक्ति से हवा के माध्यम से फैलती है।

4. कितने दिनों की खांसी में टीबी की जाँच करानी चाहिए?

यदि खांसी लगभग दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक बनी रहती है, विशेष रूप से वजन कम होने, बुखार या रात में पसीना आने के साथ, तो डॉक्टर से जाँच कराना उचित है।

5. टीबी की पुष्टि कैसे होती है?

टीबी की जाँच में sputum test, rapid molecular test, chest X-ray और जरूरत के अनुसार CT, bronchoscopy या tissue/fluid testing शामिल हो सकते हैं।

6. क्या टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है?

हाँ। उचित anti-TB treatment और पूरा course लेने से अधिकांश drug-sensitive TB cases ठीक हो सकते हैं।

7. टीबी की दवा कितने महीने चलती है?

Treatment duration TB के प्रकार, location और drug sensitivity पर निर्भर करती है। कई drug-sensitive pulmonary TB regimens लगभग छह महीने के हो सकते हैं, लेकिन सभी मरीजों के लिए duration एक जैसी नहीं होती। डॉक्टर द्वारा निर्धारित course ही पूरा करना चाहिए।

8. MDR-TB क्या है?

MDR-TB drug-resistant tuberculosis का एक प्रकार है, जिसमें टीबी बैक्टीरिया प्रमुख anti-TB medicines के प्रति resistant हो जाते हैं। इसका treatment specialist supervision में किया जाता है।

9. क्या टीबी दोबारा हो सकती है?

हाँ, कुछ लोगों में टीबी दोबारा हो सकती है। अधूरा treatment, reinfection या drug resistance इसके कारणों में शामिल हो सकते हैं।

10. Faridabad में TB specialist से कहाँ consult करें?

टीबी के लक्षणों, diagnosis या drug-resistant TB के लिए Metro Hospital, Faridabad के Pulmonology & Respiratory Medicine Department में specialist consultation लिया जा सकता है।

निष्कर्ष

टीबी एक गंभीर लेकिन इलाज योग्य बीमारी है।

सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसके शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य खांसी, कमजोरी या बुखार जैसे लग सकते हैं, जिससे लोग जाँच में देरी कर देते हैं।

यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक खांसी, लगातार बुखार, रात में पसीना, वजन कम होना, खांसी में खून या सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो समय पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

सही जाँच, उचित anti-TB treatment और दवाओं का पूरा course टीबी के सफल इलाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

टीबी के संदेह, बार-बार होने वाले chest symptoms या drug-resistant TB से संबंधित समस्या के लिए Metro Hospital, Faridabad के Pulmonology Department में विशेषज्ञ मूल्यांकन कराया जा सकता है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह डॉक्टर की व्यक्तिगत सलाह, जाँच या उपचार का विकल्प नहीं है। टीबी के लक्षण होने पर योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।